मुगराका (गाजा पट्टी): इजरायल-हमास युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घातक एंट्री से पूरी दुनिया हिल गई है। अमेरिका फिलिस्तीन के क्षेत्र पर कब्जा करने पर आमादा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने उस रुख पर कायम हैं कि अमेरिका फिलस्तीनी क्षेत्र पर कब्जा करेगा। इससे फिलिस्तीन से सहानुभूति रखने वाले कई इस्लामिक देशों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। ट्रंप का कहना है कि वह गाजा पर कब्जा करके रहेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें गाजा को खरीदना ही क्यों नहीं पड़े। ट्रंप का सुझाव है कि फिलिस्तीनियों को यह छेत्र छोड़कर अरब और मिस्र जैसे देशों में बस जाना चाहिए। ताकि यहां हमास की वापसी दोबारा न हो।

वहीं इस बीच हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की हालत दयनीय होने संबंधी नए विवरण सामने आने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाजा के साथ किए गए संघर्ष विराम समझौते को आगे बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। बता दें कि संघर्ष विराम की दूसरे चरण की वार्ता तीन फरवरी से शुरू होनी थी, लेकिन इजरायल तथा हमास के बीच कोई खास प्रगति नहीं हुई है, जबकि  इजरायली सेनाएं समझौते के तहत रविवार को गाजा गलियारे से हट गई हैं। नेतन्याहू ने वार्ता में मध्यस्थता कर रहे एक प्रतिनिधिमंडल को कतर भेजा था, लेकिन इस प्रतिनिधिमंडल में उच्च स्तर के अधिकारी शामिल नहीं थे, जिससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस चरण में कोई सफलता नहीं मिलेगी।

ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात में छिपे कई राज

नेतन्याहू हाल ही में ट्रंप से मुलाकात के लिए अमेरिका गए थे। इस मुलाकात में कई राज छिपे हो सकते हैं। माना जा रहा है कि वह इस मसले पर मंगलवार को अपने मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक कर सकते हैं। इस बीच, ट्रंप ने रविवार को गाजा पट्टी पर नियंत्रण करने की अपनी प्रतिज्ञा दोहराई। उन्होंने ‘एयर फोर्स वन’ विमान में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं गाजा को खरीदने और उस पर स्वामित्व के लिए प्रतिबद्ध हूं। जहां तक ​​इसके फिर से निर्माण की बात है तो हम पश्चिम एशिया के अन्य देशों को इसके कुछ क्षेत्र निर्माण के लिए दे सकते हैं।

अन्य लोग हमारे तत्वावधान में ऐसा कर सकते हैं, लेकिन हम इसे अपने स्वामित्व में लेने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमास वापस न लौटे।’’ ट्रंप ने कहा कि अरब देश उनसे बातचीत के बाद फिलस्तीनियों को अपने यहां लेने पर सहमत हो जाएंगे और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर फिलस्तीनियों के पास विकल्प होगा तो वे आसानी से गाजा छोड़ देंगे।