कोरबा : फाल्गुन का महीना शुरू होने और तेज हवाओं के चलने के साथ उन क्षेत्रों में समस्याओं का बोलबाला हो गया है जहां बिजली घरों से उत्सर्जित फ्लाई एश को डंप किया गया है। दर्री ईलाके के ग्राम नवागांव झाबू में सीएसईबी के राखड़ बांध से उडऩे वाली राख के कारण गांव के ग्रामीण आक्रोशित हो गए है। प्रदूषण की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सीएसईबी के अधिकारियों को घेर लिया। स्थिति बिगडऩे की सूचना होने पर कटघोरा पुलिस यहां पहुंची और मोर्चा संभाला। इस दौरान सीएसईबी ने आश्वास्त किया कि दो दिन में समस्या सुलझा लेंगे।

कोरबा जिले में राखड़ की समस्या एक विकराल समस्या बन गई है जिसके निराकरण को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा,जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी की शुरुआत होने के साथ ही जिले के राखड़ बांध के किनारे बसे लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। शुक्रवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही हुआ,जब सीएसईबी पश्चिम पॉवर प्लांट के लिए नवागांव झाबू में बनाए गए राखड़ बांध से राख हवा के साथ उडक़र गांव में पहुंचने लगी,क्षेत्र के स्कूल में भी इस तरह की समस्या सामने आई जिससे बच्चों के साथ ही स्कूल प्रबंधन को परेशान होना पड़ा। लोगों के घरों के साथ ही उनके खाने पीने के समान में राखड़ का प्रभाव होने से वे काफी आक्रोशित हो उठे। आक्रोशित ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों का घेराव का नारेबाजी करने लगे। ग्रामीण चाहते है,कि बांध में पानी का नियमित रुप से छिडक़ाव हो ताकी उन्हें समस्या का सामना ना करना पड़े।

गांव के ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच काफी देर तक नोक झोंक होती रही। ग्रामीणों का आरोप है,कि हर साल उन्हें इस तरह की दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है बावजूद इसके विभाग उनकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए आगामी दो दिनों के भीतर बांध में पानी का छिडक़ाव करने का वादा किया गया है,तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।