कोरबा – जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मनगांव में बीते लगभग दो वर्ष पूर्व एस ई सी एल गेवरा द्वारा रेल के माध्यम से कोल परिवहन हेतु साइलो का निर्माण कराया गया। यहां साइलो निर्माण के शुरुवात से ही क्षेत्र के ग्रामीणों और कॉलोनी वासियों ने इसका विरोध किया था, गांव और कॉलोनी के मध्य बनने वाले इस साइलो की वजह से उड़ने वाले डस्ट का भय उन्हें पहले से ही था, इसके विरोध में अनेकों आंदोलन भी हुए।बावजूद इसके गेवरा प्रबंधन द्वारा झूठे आश्वाशन के दम पर यहां साइलो बनवा लिया गया और रेल के माध्यम से कोयला डिस्पेच का काम शुरू कर दिया गया। अब जब इस साइलो से धूल डस्ट का बवंडर लोगों के सांसों में घुल रहा है तो कहां है वे जिम्मेदार अधिकारी जिन्होंने जरा सा भी यहां डस्ट नही उड़ने की बात कही थी। इस साइलो को बनाने वाले समानता कंपनी के अधिकारी ने भीं यह कहा था कि साइलो का बहुत ही आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ काम किया जा रहा है, असोस आसपास किसी भी तरह का कोल डस्ट नही उड़ेगा। और आज यहां ग्राम वासी, कॉलोनी वासी इस साइलो से निकल रही कोल डस्ट के बीच रहने मजबूर है। यहां सबसे दुखद पहलू यह भी है की इन कोयला खान में अपनी जमीन देने वाले लोग, इन खान में काम करने वाले लोग ही इस यहां के डस्ट को झेल रहे हैं। पूर्व पार्षद पति विनय बिंझवार ने बताया कि यहां साइलो में लगातार पानी छिड़काव का वादा किए गया था, निर्माण कंपनी द्वारा अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की बात कही गई थी बावजूद इसके यहां लोग डस्ट झेल रहे है।