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कोरबा – जिले के कुसमुंडा SECL खदान में अब भूमि संकट आन पड़ी है , अभी एसईसीएल कुसमुंडा को खदान विस्तार के लिए जमीन की आवश्यकता है, वही आस पास के भू विस्थापितों को SECL कुसमुंडा द्वारा मुंवावजा नौकरी बसाहट के लिए अभी तक तात्कालिक कदम नहीं उठाया गया है, बहुत से भू विस्थापितों को जमीन का मुआवजा एसडीएम के जमीन लेखा जोखा प्रपत्र के अनुसार खाता धारक के सीधे बैंक अकाउंट में दे दिया गया है, परन्तु अभी भी नौकरी की प्रक्रिया की रफ्तार में तेजी नहीं दिख रही है, खोडरी तथा पाली को बसाहट देने की तैयारी अभी हाल ही शुरू की गई है , एसईसीएल कुसमुंडा द्वारा खम्हरिया में प्लाट बनाने का कार्य कर रही है। वर्तमान में एसईसीएल की कुसमुंडा खदान का विस्तार पाली, पड़निया, खोडरी, जटराज और रिसदी की तरफ हो रहा है। प्रबंधन ने कई साल पहले इस गांव की जमीन अधिग्रहित की थी। अधिग्रहण के बाद प्रबंधन ने इस जमीन को छोड़ दिया था। इस बीच जमीन की कीमत लगातार बढ़ती गई। प्रबंधन ने अपनी जमीन पर आधिपत्य को लेकर भी लापरवाही बरती और अपने वादे को पूरा नहीं किया जो उसने ग्रामीणों के साथ किया था।और अब नीलकंठ कंपनी द्वारा भू विस्थापित कमर्चारियों को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें लिखा है,

यह कि मै NIML के पिता NSJV/Patch/ OB/ Coal मे काम करता हूँ तथा मैं दिनाँक से NSJV/NIML में कार्यरत हूँ।2. यह कि ग्राम-पो–थाना– तहसील जिला कोरबा में मेरे / पिता / दादा / माँ / दादी / नाना / नानी के नाम भूमि खसरा न०–कुल रकबा -जिसका अर्जन एस० ई० सी० एल० कुसमुन्डा क्षेत्र द्वारा किया गया है। एकड है3. यह कि उक्त भूमि का मुआवजा प्राप्त कर लिया हूँ / मुआवजा हेतू 15 दिन के अन्दर आवेदन कर दूगां/उक्त भूमि के मुआवजा ट्राइब्यूनल में जमा करा दिया गया है, जिसे मै निकालने हेतू आवेदन 15 दिन के अंदर कर दूंगा, नही तो कार्य न होने कि स्थिति में आपकी डियूटी स्वतः रोक दि जाएगी No Work No Pay नियम लागू हो जाएगा।4. यह कि उक्त भूमि पर खनन कार्य में मुझे किसी भी प्रकार की आपत्ति नही है।5. यह कि मैं अर्जन क्षेत्र में स्थित मकान, पेड, झाड, इत्यादि परिसंपतियों को सर्वेक्षण कार्य करवाऊगा/करवा लिया हूँ।6. यह कि मैं अपने परिवार का सर्वेक्षण कार्य करवाऊगा / करवा लिया हूँ।7. यह कि बसाहट मिलने कि स्थिति में तुरंत घर बना कर शिफ्ट कर जाउगा।8. चूँकि अब कम्पनी के पास खनन कार्य करने के लिये भूमि नही है। मैं कंपनी के किसी भी कार्य में अवरोध नही करूंगा तथा अवरोध करने की स्थिति में मुझे कार्य से निकाला जा सकता है।इस धमकी भरा वचन पत्र का भू विस्थापित कमर्चारियों जमकर विरोध किया तथा इस विषय SECL कुसमुंडा खदान बंद करने मुख्य महाप्रबंधक का भी घेराव करने की भी चेतावनी दी है, तथा नीलकंठ से जवाब भी मांगा है कि-*क्या नीलकंठ कंपनी भू विस्थापितों के लिए ही यह वचन पत्र जारी कर डराने का कार्य कर रही है।* क्या नीलकंठ कंपनी अपने द्वारा बाहर से लाए कर्मचारियों को भी यह आदेश दे रही है , या नही ।* क्या नीलकंठ कंपनी सभी भू विस्थापितों को जमीन के बदले नियमित रोजगार दे सकती है?* क्या नीलकंठ कंपनी को लिमिटेड कंपनी का दायित्व तथा कंपनी कानून की जानकारी है ?* क्या कंपनी भू विस्थापितों को इस वचन पत्र के अनुसार घर खाली करा सकती है ?* क्या 22 मार्च को काम बंद करने जा रही है नीलकंठ कंपनी ?इन सारे सवालों का जवाब नीलकंठ कंपनी से ग्रामीण भू विस्थापित कमर्चारियो द्वारा मांगी जा रही है,तथा कम्पनी को तत्काल बंद करने की चेतावनी भू विस्थापितों ने दी है , क्योंकि ये घर खाली कराने का कार्य SECL कुसमुंडा का है, न कि नीलकंठ कंपनी का , गांव को मुंवावजा बसाहट नौकरी SECL कुसमुंडा देगी न नीलकंठ कंपनी । नीलकंठ कंपनी भू विस्थापितों को इस वचन पत्र का जवाब 22 मार्च तक मांग रही है ।