कोरबा/पाली:- विकासखण्ड पाली के डोंगानाला में बीते 28 सितंबर को इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड व इफको की ओर से किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया, जहां उपस्थित राज्य व जिला स्तर के कृषि विशेषज्ञों ने खरीफ मौसम की फसलों के उन्नत उत्पादन, उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण और मौसम के अनुरूप फसल चक्र पर जानकारी दी तथा कृषि संबंधित शासन की योजनाओ के बारे में भी बताया। किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं पर सवाल- जवाब किए और समाधान प्राप्त किया। पाली- कोरबा फामरर्स प्रोड्यूसर के चेयरमेन रामफल पटेल ने बताया कि ग्राम एवं आसपास के करीब 200 किसान कार्यक्रम में उपस्थित रहे। जिन्हें कृषि विज्ञान केंद्र कोरबा इंचार्ज एस. के. उपाध्याय, इफको राज्य विपणन प्रबंधक आर.के.एस. राठौर, विषय विशेषज्ञ महिपाल सिंह, कीट विज्ञान के वी के कोरबा एस. एम. त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाली जी.पी. डिक्सेना जिन्होंने फसलों में लगने वाले रोग और उससे बचाव के उपाय बताए। कार्यक्रम में धान में लगे झुलसा रोग के प्रकोप से बचाव के लिए किसानों को इफको के नवीनतम एवं उत्कृष्ट नैनो उर्वरक छिड़काव करने की बात बताई गई। इसके अलावा दो फसली खेती को बढ़ावा देने, बकरी, मुर्गी पालन के लाभ के बारे में बताने के साथ ही महिला समूहों को मशरूम उत्पादन करने हेतु प्रेरित किया गया। इस मौके पर मनोहर लाल राजपूत, पोड़ी मंडी समिति प्रबंधक अनिल कश्यप, डोंगानाला सरपंच श्रीमती जामबाई, उपसरपंच श्रीमती चित्रलेखा कश्यप, पूर्व सरपंच सीताराम नेटी, पूर्व उपसरपंच कीर्ति कश्यप समेत किसानगण उपस्थित रहे।*महिला समूहों को दिया गया प्रोत्साहन राशि का चेक*ग्राम में गठित महिला समूहों द्वारा अपने- अपने स्तर में किये जा रहे बेहतर कार्यों को लेकर उन्हें पूर्व उपसरपंच कीर्ति कश्यप के हाथों प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। मां गायत्री स्व. सहायता समूह को आटा उत्पादन, एकता स्व. सहायता समूह को हल्दी उत्पादन व मां गौरी स्व. सहायता समूह को हल्दी, मिर्च उत्पादन के लिए अलग- अलग प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया। इस दौरान पूर्व उपसरपंच कीर्ति कश्यप ने महिला समूहों के उत्कृष्ट कार्यो को लेकर कहा कि पहले डोंगानाला गांव का आलोचना होता था, लेकिन महिला समूहों के प्रसंशनीय कार्यों से आज गांव का सम्मान होता है और समूहों की महिलाएं अपने काबिलियत को लेकर विदेश भ्रमण में जा चुकी है। जिसका श्रेय उनको जाता है।