रायपुर- छत्तीसगढ़ कुल 60 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत हैं ,जिन्होंने कोरोना काल के विषम परिस्थितियों पर अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना योद्धा बनकर राज्य का सेवा करते रहे। जिसमें उनके तबादलों पर बैन लगा हुआ था ,3 वर्ष कोरोना काल मे सेवा देने के बाद ,अब स्वास्थ्य कर्मचारी चाह रहे हैं कि अब उनके ताबदले से रोक हटनी चाहिए , लेकिन कई बार पैसे के जरिए या फिर मंत्रियों, विधायकों का नाम लेकर कुछ अधिकारी या स्वास्थ्य कर्मचारी अपना ट्रांसफर ले लेते हैं। हालांकि अब राज्य सरकार ने कर्मचारियों, अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों , के लिए ट्रांसफर से बैन को हटाने का विचार किया है। इसलिए सभी विभागों के अफसरों-कर्मियों के तबादले हो सकते हैं। 

बता दें, विभाग को अगर सही केस या फिर कोई एप्रोच हो तो फिर मंत्री से अनुमोदन लेकर फाइल चीफ सिकरेट्री को भेजा जाता है। चीफ सिकरेट्री समन्वय के प्रस्तुतकर्ता अधिकारी होते हैं। चीफ सिकरेट्री फाइल को मुख्यमंत्री को भेजते हैं। इसके बाद किसी विषम परिस्थिति में ट्रांसफर होता है। 

इससे पहले कब हटाया गया था बैन 

जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त भूपेश बघेल की सरकार चल रही थी। यानी 2022 में सिर्फ एक महीने के लिए बैन को हटाया गया था। लेकिन इसके बाद विधानसभा चुनाव हुए और बैन हटा दिया गया। अब एक बार फिर राज्य सरकार बैन हटाने की बात कर रही है। 

बार-बार ये फैसला क्यों लिया जाता है

अक्सर जिसकी सत्ता होती है, वो इसलिए बैन हटाने की नहीं सोचता, । कुछ लोग पैसा देकर ट्रांसफर करवा लेते हैं तो वहीं कुछ मंत्रियों और अधिकारियों का नाम लेकर ट्रांसफर करवाने की कोशिश में लगे रहते हैं। कई बार ऐसा भी हुआ है, ट्रांसफर को लेकर बैन हटाने से सत्ता में रहने वाली सरकार पर कई तरह के आरोप लगे हैं। 15 अगस्त के बाद ट्रांसफर पर बैन हटाएगी छत्तीसगढ़ साय सरकार

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