नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने इस मामले में आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य संबंधित लोगों की 100 से अधिक चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है. इन संपत्तियों की कुल कीमत 49.73 करोड़ रुपये आंकी गई है. इनमें बैंक बैलेंस, गाड़ियां, नकदी, गहने और जमीन शामिल हैं.
ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की. जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई. अनुमान है कि इस दौरान कुल 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई.
कहां खर्च हुए अवैध राशि?
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया. साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्तेमाल किया गया. आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा.
इनकी संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
इस मामले में यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने यह संपत्तियां अटैच की है. पहले भी कई अन्य लोगों की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है. पूर्व में ED ने 55.37 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया है. यह संपत्तियां इन लोगों की थी-