कोरबा : कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद ने 22 मार्च की सुबह दीपका खदान का निरीक्षण करने पहुचे। उनके साथ एसईसीएल के सीएमडी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरे के दौरान उन्होंने खदान के साइलो और रेलवे साइडिंग का जायजा लिया तथा उत्पादन और डिस्पैच की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान पीएम प्रसाद ने सबसे पहले दीपका खदान स्थित साइलो का निरीक्षण किया और कोयला डिस्पैच की मौजूदा व्यवस्था को परखा। इसके बाद उन्होंने रेलवे साइडिंग का दौरा किया, जहां उन्होंने मालवाहन और लोडिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। दीपका खदान के व्यू प्वाइंट से खदान को देखने के बाद, उन्होंने एसईसीएल के सीएमडी के साथ विस्थापित होने वाले दर्रा खांचा क्षेत्र का भी निरीक्षण किया।
अध्यक्ष पीएम प्रसाद ने खदान के भविष्य के उत्पादन और विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद वह सुवाभोड़ी पेंच पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य खदान में उत्पादन और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना तथा भविष्य की योजनाओं को अमलीजामा पहनाना था।
सूत्रों ने बताया कि दीपका खदान में पीएम प्रसाद का दौरा उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने को लेकर था अपने टारगेट से 2.15 MT अभी पीछे चल रही है । उसे 34 मिलियन टन का टारगेट पूरा करना है अब 10 दिन ही शेष बचा है । दीपका माइंस उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए जिसको लेकर गहन मंथन कर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा किसी तरह से सल प्रबंधन को और फायदा हो और इस दिशा में नई रणनीति तैयार कर काम किया जा सके इस पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद का जिले में खदानों का निरीक्षण करने का दूसरा दौर है इससे पहले भी वह निरीक्षण कर चुके हैं और उसे समय भी चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। गेवरा दीपका के बाद कुष्मांडा खदान कभी दौरा करने की बात सामने आ रही है। कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद के दौरे पर श्रमिक संगठन के नेता नजर नहीं आए। उनसे मुलाकात कर अपनी बात रखने की कहीं जा रही है।