मेरठ के सौरभ हत्याकांड मामले में आये दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसका प्रेमी साहिल शुक्ला फिलहाल जेल में बंद हैं। अब मेरठ पुलिस सौरभ और मुस्कान के बैंक अकाउंट्स की जांच में जुटी है। सौरभ का कत्ल करने के बाद कसोल जाते हुए और वहां रहते हुए मुस्कान और साहिल रोजाना दो बोतल शराब खरीदते थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक सौरभ ने मुस्कान और अपने भाई के अकाउंट में एक खास वजह से पैसे ट्रांसफर किए थे। सौरभ ने 80 हजार रुपये मुस्कान को और 1 लाख रुपये अपने भाई के अकाउंट में ट्रांसफर किया था। सौरभ को डर था उसका अकाउंट सीज हो सकता है।

साइबर फ्रॉड का क्या है कनेक्शन?

मेरठ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सौरभ जब लंदन में था उसका एक दोस्त साइबर फ्रॉड के काम में शामिल हो गया था। सौरभ के दोस्त के अकाउंट में साइबर फ्रॉड के जरिए कुछ पैसे आए थे और उसने कुछ पैसे सौरभ के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे। सौरभ को जब इस बात की जानकारी लगी कि उसके अकाउंट में साइबर फ्रॉड के पैसे आए हैं, तो उसने अकाउंट से 80 हजार रुपये मुस्कान और 1 लाख रुपये अपने भाई के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे। बैंक स्टेटमेंट्स से ये सभी जानकारी पुलिस ने जुटाई है।

मुस्कान को 10 हजार भेजता था सौरभ 

सौरभ के एक अकाउंट में 6 लाख रुपये हैं। सौरभ हर महीने मात्र 10 हजार रुपये खर्चे के लिए मुस्कान को भेजा करता था। इस बात से भी मुस्कान बेहद नाराज थी, क्योंकि 10 हजार रुपये घर के खर्चो में खत्म हो जाया करते थे और नशे के लिए उसको कही और से पैसे अरेंज करने पड़ते थे। सौरभ की हत्या के बाद जब साहिल और मुस्कान कसोल गए तो सौरभ का मोबाइल फोन अपने साथ ले गए थे। मोबाइल साथ ले जाने के पीछे का मकसद एक तो सौरभ की लोकेशन उसके साथ नजर आए और दूसरा उसके फोन के यूपीआई यानी सौरभ के अकाउंट से ही सारा खर्चा किया गया।

कैश में नहीं की थी कोई भी खरीदारी

सूत्रों के मुताबिक, मुस्कान और साहिल रोजाना दो बोतल शराब खरीदा करते थे। मुस्कान दो बोतल शराब रोज पी जाती थी। इसके अलावा नशे के लिए जो भी खर्चा होता था वो सौरभ के अकाउंट से यूपीआई से ही किया जाता था। कैश में कोई खरीदारी मुस्कान और साहिल ने नहीं की थी। फिलहाल अकाउंट के ट्रांजेक्शन, टैक्सी के लिए टैक्सी चालक को ट्रांजेक्शन, सौरभ के अकाउंट में 6 लाख रुपये, मुस्कान के अकाउंट्स की जांच मेरठ पुलिस कर रही है। सौरभ की हत्या में इस्तेमाल होनों वाले सामान ड्रम, दवाई, चाकू, सीमेंट, ब्लीचिंग पाउडर सबकुछ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से ही खरीदा गया था। अकाउंट के जरिए पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और हत्या के बाद मुस्कान ने सौरभ के फोन से कहा-कहा पेमेंट की थी।