कोरबा : जिले के भूविस्थापितों ने ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले रोजगार, मुआवजा और पुर्नवास से जुड़े मुद्दों पर 1 अप्रैल को एसईसीएल के सीएमडी दफ्तर के घेराव का निर्णय लिया है। इस घेराव में कोरबा जिले के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा एरिया के खदान प्रभावित गांवों के भूविस्थापितों के साथ ही दूसरे एरिया के प्रभावित भी शामिल होंगे।
समिति के सराईपाली इकाई के अध्यक्ष तिरिथ केशव ने बताया कि रोजगार, मुआवजे में कटौती और जमीन अर्जन के लिए खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के बाद प्रक्रिया पूरी करने में देरी के विरोध समेत अन्य मांगों को लेकर यह घेराव आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसईसीएल उच्च न्यायालय के आदेशों को मानने से इनकार करती रही है, जिसके कारण भूविस्थापितों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
मेगा प्रोजेक्ट में बसाहट के एवज में बढ़ी दर से भुगतान किया जा रहा है और बाकी क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नही किया जा सकता इन सभी मांगो पर लंबे समय से क्षेत्रवार आंदोलन चलाया जा रहा अब सीधे मुख्यालय के सामने आर-पार की लड़ाई के लिए ज्ञापन दिया जाएगा और उसके बाद सभी क्षेत्रों के कोयला खदानों को एक साथ एक दिन से अनिश्चितकालीन बंद कराया जाएगा ।