कोरबा : शराब की दर में 1 अप्रैल से काफी कटौती सरकार ने कर दी है। प्रदेश के साथ कोरबा जिले में शौकीन लोगों को देसी और विदेशी शराब अब किफायती दर पर प्राप्त हो रही है। इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में अवैध शराब की फैक्ट्री चल रही है। पुलिस की एक टीम ने देवलापाठ गांव में नाला के किनारे कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की फैक्ट्री को बुलडोज कर दिया।

उरगा के नए थाना प्रभारी राजेश तिवारी के नेतृत्व में उनकी टीम ने यह कार्रवाई की। राजू धनवार को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ पूरा सिंडिकेट अवैध शराब बनाने और बेचने के काम में लगा हुआ था। कार्रवाई के दौरान मंत्री सोनू धनवार, मोंटू उर्फ गजेंद्र धनवार, शिव धनवार और सरोज धनवार फरार हो गए। उनकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की विविध धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है और उसे जेल भेजने की कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि मौके से 5 दुपहिया गाडिय़ां और शराब बनाने के लिए उपयोग में लाई जा रही कई प्रकार की सामग्री को जप्त किया गया है। जबकि देवलापाठ के मेंडपारा के किनारे स्थापित की गई अवैध शराब की फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बुलडोज कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि यहां से 860 लीटर कच्ची शराब जप्त की गई है। इसे अलग-अलग कंटेनर में भर कर रखा गया था। लहान भी यहाँ मिला, जिसे विनष्टीकरण की कार्रवाई की गई। पुलिस को पता चला कि कुछ समय से यहां पर इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। इससे काम का संचालन करने को लेकर जिन लोगों के फरार होने की खबर मिली है , उसकी तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया गया है। इससे पहले इसी थाना क्षेत्र के कई गांव में पुलिस के द्वारा कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में अवैध शराब की धरपकड़ की गई और कई लोगों को जेल का रास्ता दिखाया गया। बताया गया कि जनजातीय मामलों में लोगों को उनके अपने उपयोग के लिए सिर्फ 5 लीटर शराब बनाने की छूट मिली हुई है जो इसका अनुचित उपयोग करते हुए अवैध रूप से व्यवसाय को शुरू करने पर उतारू है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की अवैध फैक्ट्रीयों के माध्यम से बड़ी मात्रा में शराब तैयार करने के साथ उसकी मार्केटिंग की जा रही है।