कोरबा – छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में त्योहारों के साथ-साथ व्रत का भी बड़ा महत्व है. हर साल भादों के माह में कमरछठ (हलषष्ठी ) का पर्व मनाया जाता है।
इस साल कमरछठ का त्योहार 24अगस्त शनिवार को मनाया गया, कुसमुण्डा गायत्री मंदिर में प्रति वर्ष की भाति इस वर्ष भी हर्ष उल्लास से साथ कमरछठ मनाया गया, जहा सभी ग्राम के माता बहनों ने सागरी में पूजा किया
इसका यहां विशेष महत्व होता है. इस दौरान माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है, और किसी माता के संतान नहीं होती वह भी संतान प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती हैं.
इस दौरान गांव व शहर के मंदिर व किसी के घर के आंगन में सागरी यानी दो तालाब का निर्माण किया जाता है. जिसमें भगवान शिव – पार्वती और कार्तिकेय की मिट्टी की मूर्ति बनाकर, तालाब में काशी,फूल साव के पौधों सहित खेतों में मिलने वाले अन्य समानों से सजाया जाता है. जिसके बाद सभी माताएं एक साथ पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेती हैं.