कोरबा – अक्सर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में देखा और सुना गया है कि रात के वक्त थाने और चौकी में ताला लगा दिया जाता है,परंतु क्या आपको पता है कि कोरबा जिले में भी एक ऐसा चौकी है जहां दोपहर के वक्त पुलिस नही रहती,यहां चौकी बंद कर दिया जाता है,जी हां आपने सही सुना हम बात कर रहे हैं कोरबा जिले अंतर्गत मोरगा पुलिस चौकी की, जो कि नेशनल हाइवे में स्थित है, इस पुलिस चौकी में एक फरियादी आया जिस वक्त हमारे पत्रकार साथी वहां मौजूद थे ,उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति जिसके हाथ में एक तेल का डब्बा, और दाल था। वह युवक पुलिस चौकी का शटर खोला और अंदर चला गया। जिसके पीछे पत्रकार भी पहुंचे, लेकिन अंदर कोई नही था। ना चौकी प्रभारी, ना विवेचक और ना ही कोई सिपाही, एक युवक दो मंजिला पुलिस चौकी में घूमता रहा,जिसके अलावा वहां कोई नजर नहीं आया।
समय शाम 3 बजे, इस नेशनल हाइवे पर भारी वाहनों की चहल पहल होती है। मगर लगता है पुलिस चौकी के प्रभारी द्वारा अपने मातहथों को सुबह के वक्त काम करने के बाद सोने बिस्तर में सोने आदेश दे दिया गया है। यही वजह है कि दोपहर के वक्त जब मीडिया की टीम पुलिस चौकी पहुंचती है, तो शटर बंद मिलता है ,और इस चौकी में एक ही कर्मचारी मौजूद था जो गहरी नींद में सो रहा था। देखेने से यह प्रतीत होता है ,कि मोरगा पुलिस चौकी का प्रभारी बहुत ही लापरवाह है। जिन्हें कोई मतलब नहीं है कि चौकी का सामान चोरी हो या फिर कोई फरियादी निराश होकर वापस लौटे। चौकी प्रभारी मोरगा अनेकों पुलिस चौकी में पदस्थ रहा है, लेकिन हर जगह लापरवाही की शिकायत मिलते रही है। जरूरत है ऐसे पुलिस के अधिकारियों पर शख्त कार्यवाही की ,अब देखना होगा कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले ऐसे प्रभारी पर कार्रवाई होती है या नहीं।