मणिपुर में पिछले एक सप्ताह से शुरू हुए नए उग्रवादी हमलों के बीच अब एक पूर्व सैनिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। मामले से अवगत अधिकारियों ने बताया कि रविवार रात मणिपुर में भारतीय सेना के एक पूर्व सैनिक की उस समय हत्या कर दी गई जब वह गलती से बफर जोन पार कर गया था। लिमखोलाल माटे नाम का यह जवान असम रेजिमेंट में हवलदार था। माटे का शव मिला इंफाल पश्चिम क्षेत्र के अंतर्गत सेकमाई में मिला है। इससे पहले रविवार को हिंसा के दौरान एक महिला की भी मौत हो गई थी।
बीते दिनों मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय संघर्ष की घटनाओं ने राज्य को अशांत कर रखा है। यहां के आदिवासी समुदाय पहाड़ी जिलों में रहते हैं वहीं मैतेई घाटी के क्षेत्रों में रहते हैं। इन दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश नहीं करते हैं। केंद्र द्वारा भेजे गए सुरक्षा बलों को जिलों के बीच में तैनात किया जाता है जिन्हें बफर जोन भी कहा जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि इन समूहों के बीच टकराव न हो।
महिला की बम विस्फोट में हुई मौत
घटना से अवगत एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “माटे कांगपोकपी के मोटबंग का निवासी था। हमें जानकारी मिली है कि वह कल रात गलती से बफर जोन पार कर सेकमाई क्षेत्र में चला गया। वह कार चला रहा था। पुलिस ने सुबह उसका शव बरामद किया। ऐसा लगता है कि उसे पीट-पीटकर मारा गया है। पुलिस ने अभी तक मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। इससे पहले रविवार की रात को भी कांगपोकपी के थांगबुह गांव में हुई गोलीबारी के दौरान एक 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। जहां कांगपोकपी की एक समूह COTU (आदिवासी एकता समिति) ने दावा किया कि महिला की मौत बम विस्फोट में हुई वहीं पुलिस ने अभी तक मामले का विवरण साझा नहीं किया है।