एन एल चौहान की रिपोर्ट

कोरबा / जिले के secl कुसमुण्डा खदान में नियोजित सिद्धिविनायक कंपनी में हो रहा है श्रम विधि का खुले आम उल्लंघन, कर्मचारियों को उनके अधिकार से किया जा रहा वंचित । सिद्धिविनायक कंपनी कुसमुण्डा खदान में मूलतः पानी टैंकर के द्वारा पानी छिड़काव का कार्य करती है ,जिसके संचालक द्वारा कर्मचारियों के हक का पैसा बैंक खाता के माध्यम से दिया तो जाता है ,लेकिन कर्मचारियों से फिर वापस ले लिया जाता है , कम्पनी सिद्धिविनायक खदान में लेबर लॉ धज्जिया उड़ाने का कार्य कर रही है ,आधा वेतन वापस लेने के पश्चात PF भी नियम के विरुद्ध 3600 रुपये वेतन से कटौती कर लिया जाता है, आपको बता दें कुसमुंडा मे नियोजित बड़ी – बड़ी कंपनियां कार्यरत हैं उन सभी कंपनी के अपेक्षा 1800 रुपये ज्यादा सिद्धिविनायक कंपनी PF काट लेती है ,और अपने जेब मे भर लेती है , कम्पनी श्रम विधि कानून का उल्लंघन बिना किसी के भय के कर रही है ,कंपनी के नियोजकता सुमन अग्रवाल द्वारा श्रम विधि को तोड़ने का कृत्य विगत एक वर्षों से किया जा रहा है ,जिसकी खबर secl के अधिकारियों को भी है ,परन्तु उनको भी कर्मचारियों के हक का पैसा कमीशन के रूप में चाहिए इसीलिए अभी तक कम्पनी लगातार कर्मचारियों के साथ शोषण कर रही है , हमारे संवाददाता एन एल चौहान के द्वारा कर्मचारियों से बातचीत करने पर उनकी वेतन कटौती के बारे पता चला , जिसमे ड्राइवरों को वेतन प्रतिदिन के हिसाब से 467 रुपये दिया जाता है ,परन्तु उसका आधा वेतन बाकायदा कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराकर वापस कम्पनी के संचालक सुमन अग्रवाल द्वारा ले लिया जाता है , कम्पनी के संचालक को शायद कारखाना अधिनियम 1948 व श्रम विधि (Labour LAW ) कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 ,(PF) कर्मचारी प्रोविडेंट फंड अधिनियम 1952 , खदान अधिनियम 1952 , के बारे में नही पता ,जिसके तहत कर्मचारियों के शोषण करने पर भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दण्डनीय अपराध व जुर्माना का प्रावधान है व कम्पनी का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है ।

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