कोरबा – कोरबा में पुलिसकर्मी से प्रताड़ित होने वाली पीड़िता की शिकायत पर किसी तरह की कार्यवाई नही की जा रही , परेशान महिला ने न्यायालय में परिवाद दायर किया तब जाकर मार्च 2024 में अपराध दर्ज किया गया। यह कहना है पीड़ित महिला का, उनका कहना है कि 2022 में योगेंद्र ठाकुर के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने थाना गई थी जहां सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद राठौर से मेरी मुलाकात हुईं उन्होंने उक्त शिकायत पर कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया और मुझे अपना मोबाईल नंबर देते हुए मुझसे मेरा मोबाईल नंबर ले लिया जिसके बाद दिनांक 21/6/22 को रात्रि 11:27 बजे अश्लील फोटो और वीडियो मुझे भेजा और रात्रि 11:29 में वीडियो कॉल किया और अश्लील बातें करते हुए मुझ से अश्लील और गलत (कृत्य) की मांग करने लगा। .
जिसकी शिकायत दिनांक 12/8/22 को मेरे द्वारा बालको थाना के साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किया गया किन्तु कोई कार्यवाही नहीं की गई तब पुनः 10/01/23 को पुलिस अधीक्षक को उक्त शिकायत में कार्यवाई के लिए लिखित आवेदन प्रस्तुत किया फिर भी मेरे द्वारा दी गई शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया।
जिसके बाद मैंने माननीय न्यालय के शरण में जा कर उक्त शिकायत पर कार्यवाही हेतु परिवाद पत्र प्रस्तुत किया जिसमें फरवरी 2024 को माननीय न्यालय द्वारा प्रतिवेदन मंगाए जानें पर आनन फानन में 20/03/2024 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया।
परिवाद दायर करने के बाद दर्ज किया गया FIR
न्यायालय में परिवाद दायर करने के बाद एफआईआर नंबर 0161 में धारा 509 ख के अंतर्गत एफआईआर किया गया किन्तु एफआईआर दर्ज होने के बाद से आज 4 माह बीत गया इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और ना ही आरोपित व्यक्ति को गिरफ्तार कर माननीय न्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पीड़िता कहती है कि आरोपित व्यक्ति पुलिस महकमें का है इस कारण उसे पूर्ण संरक्षण प्रदान करते हुए बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यही कृत्य कोई आम जन मानस के द्वारा किया जाता तो उसकी तत्काल गिरफ्तारी की जाती और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाता है ,किन्तु वर्तमान परिस्थिति से प्रतीत होता है कि आम जन मानस व पुलिस विभाग में कार्यरत व्यक्ति के लिए नियम एवं अलग कानून होते हैं।