हरियाणा के सिरसा में सरकारी अफसरों की लापरवाही एक अनाथ मजदूर का सिरदर्द बनी हुई है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण पीड़ित को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित राजू 46 साल का है और उसके माता पिता का निधन बचपन में ही हो गया था। एक बहन है, जिसकी शादी भी हो चुकी है। इसके अलावा उसके परिवार में कोई और सदस्य नहीं है। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 46 साल के राजू का 83 साल का बेटा है और 57 साल की पत्नी है और पत्नी उसके हिस्से का राशन भी ले जाती है।
नहीं मिल रही पेंशन
हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों कुंवारे युवकों के लिए पेंशन का प्रावधान किया है, जिसके लिए राजू ने भी अप्लाई किया था, लेकिन उसे बताया गया कि वह कुंवारा नहीं है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार उसके परिवार में पत्नी और बेटे हैं। पीड़ित ने रिकॉर्ड सही करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए तो अधिकारियों ने उसे तलाक लेने की सलाह दे दी। जब उसने हरियाणा सरकार से न्याय की गुहार लगाई तो कार्यवाहक अतिरिक्त उपायुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं।
राशन भी ले जाती है काल्पनिक पत्नी
राजू का बीपीएल कार्ड भी है, जिसके तहत सरकार की ओर से सस्ते दामों पर राशन डिपो पर मिलता है। हालांकि, यहां भी डिपो धारक उसे बताते हैं कि उसकी पत्नी पहले ही राशन ले जा चुकी है। राजू ने जांच कराई तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वह मोना नाम की एक महिला पति है, जिसकी उम्र 57 साल है और इन दोनों का 83 साल का एक बेटा भी है।
अफसर दे रहे तलाक की सलाह
राजू का कहना है कि वो जब शिकायत लेकर सिरसा के लघु सचिवालय में बने दफ्तर में अपनी फरियाद लेकर जाता है, तो वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं होती है। उसको वहां पर बाकायदा बोला जाता कि आप अपनी पत्नी से तलाक ले लो उसके बाद आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा। अब राजू उस महिला से कैसे तलाक ले, जिसे वह जानता ही नहीं है।
अतिरिक्त आयुक्त का बयान
सिरसा के कार्यवाहक अतिरिक्त उपायुक्त डॉ सुभाष चंद्र ने कहा कि यह मामला आज ही उनके सामने आया है और कर्मचारियों से इसका रिकॉर्ड मंगवाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी अन्य अधिकारी से जांच करवाएंगे। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।