कोरबा – जिले की गेवरा एसईसीएल कोल माइंस जो की आज विश्व नंबर वन खदान मे गिनी जा रही है । छतीसगढ़ मे आज तीसरे दिन से बारिश हो रही है ,जिससे बारिश का पानी खदान मे भी अपना कहर बरपा रही है , बताया जा रहा है की खदान मे बारिश के पानी से मलबा बह रहा है जो खदान के रास्तों को जाम कर चुकी है , अचानक हुई बारिश से खदान के अंदर अनेकों वाहन फ़सी हुई है ,कई कर्मचारी भी फंसे हुए है ,मूसलाधार बारिश के सैलाब से कई वाहन स्वतः बहने लगे है ,और बड़े बड़े पत्थरों के बीच फसी हुई है , खदान के भीतर कई कर्मचरियों ने वाहन से कूद कर अपनी जान बचाई है , आपको बता दें कुछ दिन पूर्व एसईसीएल के सीएमडी ने जिले के खदानों का दौरा किया था , बावजूद इसके यह तस्वीर खादन की सुरक्षा व्यवस्था और एसईसीएल के द्वारा बरसात के लिए किए गए तमाम सुरक्षा की पोल खोलते दिख रही है । आपको बता दे की कुसमुण्डा खदान की भी स्थिति हूबहू बनी हुई है , कुसमुंडा खदान मे नियोजित कंपनियों के द्वारा अपने कर्मचारियों को खदान जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है , नाइट सिफ्ट वालों को बस के माध्यम से खदान के अंदर छोडा जा रहा है , आपको बता दे सन्न 2020 मे 23 जुलाई को एक युवक को भारी बरसात मे खदान के अंदर ड्यूटी दिया गया था । जब रात मे मूसलाधार बारिश होने लगी तो युवक अपनी जान बचाने के लिए एक गुमटी मे जाने वाला ही था ,तभी खदान की मिट्टी मलबे तब्दील होकर भारी रफ्तार से बहती हुई युवक की ओर आई और युवक को अपने चपेट मे ले लिया , और खदान के विशाल गढ्डे मे दब गया जिसकी लाश दो दिन बाद एस डी आर एफ के टीम के द्वारा निकाली गई , ऐसे अप्रिय घटना से बचने के लिए खदानों मे बरसात के दिनों सुरक्षा व्यवस्था को मद्देनजर रखते हुए एस ई सी एल को कार्य करने की आवश्यकता है ।