कोरबा – जिले के SECL कुसमुण्डा क्षेत्र की खराब सड़कों का हाल आप हमारे समाचार के माध्यम लगातार देखते ही रहते हैं ,आज आपको SECL के ही कर्मचारियों के कॉलोनी का हाल देखने को मिलेगा, की किस तरह से कुसमुण्डा नेहरू नगर SECL कॉलोनियों की हालत जर्जर हो चुकी है । जिसमें SECL के कर्मचारियों के साथ साथ बैंक के कर्मचारी DAV व केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक भी रहते हैं , कॉलोनी की तश्वीरें आपको भयभीत कर सकती है ,अभी जो आप ये देख रहे हैं यह दृश्य कुसमुंडा नेहरू नगर स्थित मकान नम्बर B/463 का है ,जहां केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक सुशांत डे रहते हैं। उनके क्वाटर में दिनांक 26/07/024 को लगभग दोपहर 3 बजे उनकी पत्नी किचन मे और बेटी अपने कमरे मे पढ़ाई कर रही थी तभी हॉल से धड़ाम से आवाज आई , सुशांत डे की पत्नी जब हॉल मे आए तो उनके घर के हॉल का छज्जा का एक बहुत बड़ा हिस्सा गिरा हुआ था ।यदि बेटी माँ में से यदि कोई भी हॉल में होता तो अनहोनी घटना घट सकती थी, छज्जे के गिरने से हॉल में रखे टी वी भी गिरा पड़ा था । इससे पूर्व भी घर के छत का छोटा हिस्सा टूट कर गिरने से , उसकी शिकायत सिविल विभाग में की गई थी, परन्तु कोई कार्यवाही या सुधार का कार्य नहीं किया गया , यदि परिस्थिति ऎसी ही बनी रही तो secl कॉलोनी में भी बड़ा हादसा बसरात मे हो सकता है । आपको बता दें कि कुसमुण्डा खदान में कोयले का उत्पादन टोटल 50 मिलयन टन हो चुका है , और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लगातार प्रयास भी जारी है, परन्तु सिवाय उत्पादन के SECL कुसमुण्डा क्षेत्र में न तो सड़क की स्थिति बेहतर है ,और न ही Secl के कॉलोनियों का , खदान में
हैवी ब्लास्टिंग और लगातार बारिश के कारण लगभग कालोनियों के सभी घरों में सीपेज आ रही है ,क्योंकि एसईसीएल प्रशासन द्वारा छतों की मरमत का कार्य वर्षों से नही कराया गया है ,छतों और टंकियों पर बड़े बड़े घास उग चुकें हैं, साफ सफाई बिल्कुल नहीं है , क्योंकि SECL कुसमुण्डा में अधिकारियों को सिर्फ और सिर्फ कोयले का उत्पादन और अपना प्रमोशन की चिंता है , न कि किसी छोटे कर्मचारियों के कॉलनी की और न ही क्षेत्र के विकास की ।
