कोरबा /जिले के कुसमुण्डा खदान की ये दूसरी बड़ी घटना है ,जितेन्द्र नागरकर का मृत अवस्था खदान के अंदर पानी मे मिला शव ,आखिर क्यों बार बार खदान में हो रहा है सुरक्षा में चूक,क्या secl कुसमुण्डा के उच्च पद पर बैठे लोगो को है सिर्फ कोयले से मतलब है ,इस घटना का कौन है जिम्मेदार ,क्या किसी के जान से बढ़ कर हो सकता है कोयला । कौन से अधिकारी ने दिया था जितेंद्र नागरकर ओ निरीक्षण करने का आदेश । । जब सभी अधिकारियों कर्मचारियों को पता था कि कुसमुण्डा खदान की हालत बरसात की वजह से खतरनाक हो चुकी है । फिर भी क्यों कराया जा रहा था खदान ने अंदर काम । ये बड़े सवाल है जो कुसमुण्डा खदान के सुरक्षा में साफतौर पर चूक साबित करती है । SECL एजीएम राजीव सिंह ने पत्रकारों से बात करने से इनकार कर दिया । आखिर बात क्यों नही करना चाहते मीडिया से कुसमुंडा मुख्यमहाप्रबंधक । आखिरकार किस बात का डर है कुसमुण्डा के एजीएम को ऎसी कई बड़े सवाल हैं जो कुसमुण्डा खदान के सुरक्षा को लेकर उठ रही है । इन सवालों पर गंभीरता से जांच होने आवश्यकता है ।ताकि आने अवले समय मे किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को अपने जान से हाथ धोना ना पड़े ।

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